1. पाठ्यक्रम (Syllabus) और पाठ्यचर्या (Curriculum) की अवधारणा
(A) पाठ्यक्रम (Syllabus)
अर्थ: -पाठ्यक्रम वह निर्धारित विषयवस्तु है जो किसी विशेष कक्षा या विषय में एक निश्चित अवधि में पढ़ाई जाती है। इसमें यह स्पष्ट होता
है कि क्या पढ़ाया जाएगा।
परिभाषा (सरल शब्दों में)
पाठ्यक्रम शिक्षण
की वह सीमित रूपरेखा है जिसमें विषयवस्तु, अध्याय और पाठ शामिल होते हैं।
प्रमुख विशेषताएँ
- विषय-केन्द्रित होता है
- सीमित और संकुचित दायरा
- अल्पकालिक (एक सत्र/कक्षा तक)
- प्रायः पाठ्यपुस्तक आधारित
- परीक्षा-केन्द्रित
- ज्ञान के संप्रेषण पर बल
उद्देश्य
- विषय संबंधी ज्ञान प्रदान करना
- परीक्षा हेतु विद्यार्थियों को
तैयार करना
- शिक्षण को व्यवस्थित बनाना
उदाहरण
कक्षा 8 विज्ञान का पाठ्यक्रम –
- कोशिका
- बल और गति
- प्रकाश
- ध्वनि
(B) पाठ्यचर्या (Curriculum)
अर्थ - पाठ्यचर्या वह समग्र एवं व्यापक व्यवस्था है जिसके अंतर्गत विद्यालय द्वारा
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु नियोजित सभी शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक और अनुभवात्मक गतिविधियाँ
आती हैं।
परिभाषा
पाठ्यचर्या वे सभी
अनुभव हैं जो विद्यालय विद्यार्थियों को प्रदान करता है, चाहे वे कक्षा के अंदर हों या बाहर।
प्रमुख विशेषताएँ
- व्यापक एवं समग्र
- दीर्घकालिक प्रक्रिया
- छात्र-केन्द्रित
- जीवनोपयोगी
- ज्ञान, कौशल, मूल्य एवं दृष्टिकोण का समन्वय
- औपचारिक एवं अनौपचारिक दोनों
पाठ्यचर्या के प्रमुख घटक
- शैक्षणिक विषय
- खेल एवं शारीरिक शिक्षा
- कला, संगीत, नाटक
- नैतिक एवं मूल्य शिक्षा
- सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ
- जीवन कौशल और व्यावहारिक अनुभव
उद्देश्य
- सर्वांगीण विकास
- व्यक्तित्व निर्माण
- सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास
- जीवन के लिए शिक्षा
पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या में अंतर
|
आधार |
पाठ्यक्रम (Syllabus) |
पाठ्यचर्या (Curriculum) |
|
दायरा |
सीमित |
व्यापक |
|
केंद्र |
विषयवस्तु |
विद्यार्थी |
|
अवधि |
अल्पकालिक |
दीर्घकालिक |
|
उद्देश्य |
परीक्षा |
जीवन की तैयारी |
|
स्वरूप |
औपचारिक |
औपचारिक +
अनौपचारिक |
2. प्रत्यक्ष (Overt) एवं अप्रत्यक्ष
/ छिपी (Hidden) पाठ्यचर्या
(A) प्रत्यक्ष पाठ्यचर्या (Overt Curriculum)
अर्थ - प्रत्यक्ष पाठ्यचर्या वह पाठ्यचर्या है
जो स्पष्ट रूप से लिखित, नियोजित और औपचारिक होती है तथा विद्यालय में जानबूझकर पढ़ाई
जाती है।
विशेषताएँ
- लिखित रूप में उपलब्ध
- पूर्व नियोजित
- शिक्षक द्वारा नियंत्रित
- परीक्षा एवं मूल्यांकन से जुड़ी
- पाठ्यपुस्तक आधारित
घटक
- निर्धारित पाठ्यक्रम
- समय-सारणी
- पाठ्यपुस्तक
- परीक्षा प्रणाली
- शिक्षण-अधिगम उद्देश्य
उदाहरण
- गणित, विज्ञान, भाषा के पाठ
- परीक्षा प्रश्नपत्र
- पाठ योजना
महत्त्व
- शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करता है
- शिक्षण को दिशा देता है
- मूल्यांकन को सरल बनाता है
(B) अप्रत्यक्ष / छिपी पाठ्यचर्या (Hidden Curriculum)
अर्थ - छिपी पाठ्यचर्या वह शिक्षा है जो बिना लिखित योजना के विद्यालय के वातावरण, शिक्षक के व्यवहार, अनुशासन व्यवस्था और सामाजिक
अंतःक्रियाओं से विद्यार्थियों को स्वतः प्राप्त होती है।
विशेषताएँ
- अनौपचारिक
- अप्रत्यक्ष
- अनियोजित
- विद्यालय संस्कृति पर आधारित
- मूल्य एवं दृष्टिकोण विकसित करती है
छिपी पाठ्यचर्या के स्रोत
- शिक्षक का व्यवहार और दृष्टिकोण
- विद्यालय का अनुशासन
- सहपाठी समूह
- नियम एवं परंपराएँ
- लैंगिक एवं सामाजिक व्यवहार
उदाहरण
- समय पालन
- अनुशासन
- सहयोग की भावना
- लैंगिक समानता या असमानता
- सम्मान और सहिष्णुता
महत्त्व
- चरित्र निर्माण
- सामाजिक व्यवहार विकास
- नागरिक बोध
- नैतिक मूल्य निर्माण
प्रत्यक्ष एवं छिपी पाठ्यचर्या में अंतर
|
आधार |
प्रत्यक्ष पाठ्यचर्या |
छिपी पाठ्यचर्या |
|
स्वरूप |
लिखित |
अलिखित |
|
योजना |
पूर्व नियोजित |
अनियोजित |
|
प्रकृति |
औपचारिक |
अनौपचारिक |
|
उद्देश्य |
ज्ञान अर्जन |
मूल्य व व्यवहार
विकास |
|
नियंत्रण |
शिक्षक/संस्था |
वातावरण एवं
संस्कृति |
निष्कर्ष
- पाठ्यक्रम और प्रत्यक्ष पाठ्यचर्या ज्ञान के लिए आवश्यक हैं।
- पाठ्यचर्या और छिपी पाठ्यचर्या व्यक्तित्व, मूल्य और जीवन कौशल के विकास में
निर्णायक भूमिका निभाती हैं।
- एक प्रभावी शिक्षा प्रणाली में इन
सभी का संतुलित समावेश अनिवार्य है।
विद्यालय समय-सारणी (School
Time-table) की तैयारी
1. समय-सारणी का अर्थ
समय-सारणी विद्यालय में उपलब्ध समय का ऐसा योजनाबद्ध, संतुलित और व्यवस्थित वितरण है, जिससे शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया सुचारु, प्रभावी और उद्देश्यपूर्ण बन सके।
सरल शब्दों में:
“किस कक्षा में, कौन-सा विषय, कौन-सा शिक्षक, किस समय पढ़ाएगा” – इसका लिखित कार्यक्रम ही समय-सारणी है।
2. समय-सारणी के उद्देश्य
- विद्यालयी कार्यों में अनुशासन स्थापित करना
- समय का उत्तम उपयोग
- शिक्षण-अधिगम को व्यवस्थित बनाना
- शिक्षक एवं विद्यार्थी की कार्यकुशलता बढ़ाना
- सभी विषयों को उचित महत्व देना
- थकान को कम कर रुचि बनाए रखना
3. समय-सारणी के सिद्धांत (Principles of Time-table)
(1) मनोवैज्ञानिक सिद्धांत
- कठिन विषय (गणित, विज्ञान) सुबह के समय
- हल्के विषय (कला, खेल) अंतिम पीरियड में
(2) संतुलन का सिद्धांत
- शैक्षणिक व सह-शैक्षणिक विषयों में
संतुलन
- सिद्धांत व प्रयोगात्मक कार्यों का
समुचित वितरण
(3) विविधता का सिद्धांत
- लगातार एक जैसे विषय न हों
- मानसिक थकान से बचाव
(4) लचीलापन का सिद्धांत
- विशेष गतिविधियों, कार्यक्रमों के लिए स्थान
- आपातकालीन परिवर्तन की संभावना
(5) उपयोगिता का सिद्धांत
- समय-सारणी जीवनोपयोगी हो
- विद्यार्थियों की आयु, क्षमता एवं रुचि के अनुरूप
(6) शिक्षक क्षमता का सिद्धांत
- शिक्षक की योग्यता व विषय
विशेषज्ञता के अनुसार पीरियड आवंटन
4. समय-सारणी के प्रकार
(1) मास्टर समय-सारणी
- पूरे विद्यालय की समग्र योजना
- प्रधानाचार्य द्वारा निर्मित
- सभी कक्षाओं एवं शिक्षकों को
सम्मिलित करती है
(2) कक्षा समय-सारणी
- एक कक्षा के लिए विशिष्ट
- कक्षा में प्रदर्शित की जाती है
(3) शिक्षक समय-सारणी
- शिक्षक के सभी पीरियड्स का विवरण
- कार्यभार स्पष्ट होता है
(4) सह-पाठ्यक्रम समय-सारणी
- खेल, कला, क्लब, गतिविधियाँ
- समग्र विकास पर केंद्रित
5. समय-सारणी निर्माण के चरण
चरण 1: विद्यालय की आवश्यकता का अध्ययन
- कक्षाओं की संख्या
- छात्रों की संख्या
- शिक्षकों की उपलब्धता
चरण 2: कार्य दिवस एवं पीरियड निर्धारण
- प्रतिदिन पीरियड की संख्या
- प्रत्येक पीरियड की अवधि
चरण 3: विषयवार समय निर्धारण
- पाठ्यक्रम के अनुसार
- कठिन विषयों को अधिक समय
चरण 4: शिक्षक आवंटन
- विषय विशेषज्ञता
- कार्यभार संतुलन
चरण 5: सह-शैक्षणिक गतिविधियों का समावेशन
- खेल, योग, कला
- मूल्य शिक्षा
चरण 6: समीक्षा एवं संशोधन
- व्यवहारिकता की जाँच
- आवश्यक सुधार
6. एक आदर्श समय-सारणी की विशेषताएँ
- सरल एवं स्पष्ट
- लचीली
- संतुलित
- मनोवैज्ञानिक दृष्टि से उपयुक्त
- विद्यार्थी-केन्द्रित
- शिक्षक-अनुकूल
7. समय-सारणी का शैक्षिक महत्त्व
विद्यार्थियों के लिए
- समयबद्धता
- अध्ययन में नियमितता
- थकान में कमी
शिक्षकों के लिए
- कार्य स्पष्टता
- बेहतर योजना
- समय प्रबंधन
विद्यालय प्रशासन के लिए
- सुचारु संचालन
- संसाधनों का सदुपयोग
- अनुशासन बनाए रखना
8. समय-सारणी से संबंधित समस्याएँ
- शिक्षकों की कमी
- विषय असंतुलन
- छात्रों की विविध आवश्यकताएँ
- सह-शैक्षणिक गतिविधियों की उपेक्षा
9. आधुनिक दृष्टिकोण (NEP-2020 के संदर्भ में)
- लचीली समय-सारणी
- गतिविधि आधारित शिक्षण
- खेल, कला और कौशल को समान महत्व
- डिजिटल लर्निंग के लिए समय
10. निष्कर्ष
विद्यालय
समय-सारणी शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया की रीढ़ है। यदि यह वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक और संतुलित हो, तो विद्यालय का संपूर्ण शैक्षणिक वातावरण
प्रभावी, अनुशासित और आनंददायक बन जाता है।
1. पाठ्यक्रम (Syllabus)
का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. सर्वांगीण
विकास
B. सामाजिकरण
C. विषयवस्तु का निर्धारण
D. व्यक्तित्व निर्माण
उत्तर: C
2. निम्न में से कौन-सा
कथन पाठ्यचर्या (Curriculum) के
लिए सही है?
A. यह
केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित होती है
B. यह परीक्षा-केन्द्रित
होती है
C. इसमें विद्यालय के
सभी शैक्षिक अनुभव शामिल होते हैं
D. यह अल्पकालिक होती है
उत्तर: C
3. पाठ्यक्रम और
पाठ्यचर्या में मूल अंतर किस आधार पर है?
A. विषय
B. समय
C. दायरा
D. शिक्षक
उत्तर: C
4. निम्न में से कौन-सा
पाठ्यचर्या का घटक नहीं है?
A. खेल
गतिविधियाँ
B. नैतिक शिक्षा
C. परीक्षा प्रश्नपत्र
D. सह-शैक्षणिक
गतिविधियाँ
उत्तर: C
5. पाठ्यक्रम सामान्यतः
किस पर अधिक बल देता है?
A. कौशल
B. मूल्य
C. विषयवस्तु
D. व्यवहार
उत्तर: C
6. प्रत्यक्ष पाठ्यचर्या
(Overt Curriculum) की
पहचान क्या है?
A. अनियोजित
B. अलिखित
C. औपचारिक और लिखित
D. सामाजिक व्यवहार
आधारित
उत्तर: C
7. निम्न में से कौन
प्रत्यक्ष पाठ्यचर्या का उदाहरण है?
A. समय
पालन
B. अनुशासन
C. पाठ्यपुस्तक
D. सहयोग की भावना
उत्तर: C
8. छिपी पाठ्यचर्या (Hidden
Curriculum) का मुख्य स्रोत क्या
है?
A. पाठ्यपुस्तक
B. परीक्षा प्रणाली
C. विद्यालय का वातावरण
D. पाठ योजना
उत्तर: C
9. विद्यार्थियों में
अनुशासन, समयपालन और सहयोग का
विकास किसके माध्यम से होता है?
A. पाठ्यक्रम
B. प्रत्यक्ष पाठ्यचर्या
C. छिपी पाठ्यचर्या
D. पाठ योजना
उत्तर: C
10. छिपी पाठ्यचर्या
सामान्यतः कैसी होती है?
A. पूर्व
नियोजित
B. लिखित
C. अनौपचारिक
D. परीक्षा आधारित
उत्तर: C
11. निम्न में से कौन-सा
कथन सही है?
A. पाठ्यक्रम
और पाठ्यचर्या समान हैं
B. छिपी पाठ्यचर्या का
कोई प्रभाव नहीं होता
C. प्रत्यक्ष पाठ्यचर्या
मूल्य विकास करती है
D. छिपी पाठ्यचर्या
व्यक्तित्व निर्माण में सहायक है
उत्तर: D
12. पाठ्यचर्या का स्वरूप
कैसा होता है?
A. केवल
औपचारिक
B. केवल अनौपचारिक
C. औपचारिक एवं
अनौपचारिक दोनों
D. केवल परीक्षा आधारित
उत्तर: C
13. निम्न में से कौन
पाठ्यचर्या का लक्ष्य है?
A. केवल
अंक प्राप्ति
B. विषय समाप्ति
C. सर्वांगीण विकास
D. पाठ्यपुस्तक अध्ययन
उत्तर: C
14. शिक्षक का व्यवहार,
दृष्टिकोण और अपेक्षाएँ किसका भाग मानी
जाती हैं?
A. पाठ्यक्रम
B. प्रत्यक्ष पाठ्यचर्या
C. छिपी पाठ्यचर्या
D. समय-सारणी
उत्तर: C
15. ‘क्या पढ़ाया जाएगा’
— यह किससे संबंधित है?
A. पाठ्यचर्या
B. छिपी पाठ्यचर्या
C. पाठ्यक्रम
D. विद्यालय संस्कृति
उत्तर: C
16. निम्न में से कौन-सा
छिपी पाठ्यचर्या का उदाहरण नहीं है?
A. सहयोग
B. अनुशासन
C. लैंगिक समानता
D. निर्धारित पाठ
उत्तर: D
17. पाठ्यचर्या को सबसे
अच्छी तरह कौन परिभाषित करता है?
A. विषयों
की सूची
B. परीक्षा योजना
C. विद्यालय द्वारा
प्रदान किए गए सभी अनुभव
D. पाठ्यपुस्तक
उत्तर: C
18. छिपी पाठ्यचर्या का
प्रभाव किस पर अधिक पड़ता है?
A. केवल
शैक्षणिक उपलब्धि
B. व्यक्तित्व और सामाजिक व्यवहार
C. पाठ्यवस्तु की मात्रा
D. परीक्षा परिणाम
उत्तर: B
19. प्रत्यक्ष पाठ्यचर्या
का मूल्यांकन प्रायः किसके द्वारा होता है?
A. अवलोकन
B. संवाद
C. परीक्षा
D. आत्म-चिंतन
उत्तर: C
20. प्रभावी शिक्षा के
लिए क्या आवश्यक है?
A. केवल
पाठ्यक्रम
B. केवल छिपी पाठ्यचर्या
C. पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या
दोनों का संतुलन
D. केवल परीक्षा प्रणाली
उत्तर: C
Foundational Literacy and Numeracy (FLN)
(आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता)
1.1 अर्थ (Meaning)
Foundational
Literacy and Numeracy (FLN) से आशय है—
बच्चों में कक्षा 3 तक पढ़ने, लिखने और गणित की बुनियादी समझ विकसित
करना।
NEP 2020 के अनुसार:
“कक्षा 3 तक बच्चे को अर्थपूर्ण ढंग से पढ़ने, लिखने और सरल गणितीय गणनाएँ करने में
सक्षम बनाना।”
1.2 FLN के प्रमुख घटक
(A) Foundational Literacy (आधारभूत साक्षरता)
इसमें शामिल हैं:
- भाषा की समझ (Listening Skills)
- बोलने की क्षमता (Speaking Skills)
- ध्वनि पहचान (Phonemic Awareness)
- शब्द पहचान (Word Recognition)
- वाक्य व अनुच्छेद समझ (Reading Comprehension)
- लेखन कौशल (Writing Skills)
(B) Foundational Numeracy (आधारभूत संख्यात्मकता)
इसमें शामिल हैं:
- संख्या पहचान (Number Recognition)
- गिनती (Counting)
- तुलना (अधिक-कम, बड़ा-छोटा)
- जोड़-घटाव की प्रारंभिक समझ
- आकृतियों की पहचान (Shapes)
- मापन (लंबाई, वजन, समय)
- पैटर्न पहचान
1.3 FLN की आवश्यकता (Why FLN is Important?)
- प्रारंभिक कक्षाओं में सीखने की
नींव मजबूत होती है
- आगे की शिक्षा की सफलता FLN पर निर्भर करती है
- ड्रॉपआउट दर कम होती है
- आत्मविश्वास और सीखने की रुचि बढ़ती
है
- सामाजिक-भावनात्मक विकास में सहायता
1.4 NIPUN Bharat Mission
पूरा नाम:
👉 National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and
Numeracy
लक्ष्य:
- 2026–27 तक सभी बच्चों में FLN दक्षता सुनिश्चित करना
- कक्षा 3 तक सभी बच्चों को पढ़ने-लिखने-गणित
में सक्षम बनाना
प्रमुख विशेषताएँ:
- शिक्षकों का प्रशिक्षण
- सीखने के स्तर का आकलन
- मातृभाषा / स्थानीय भाषा में शिक्षा
- खेल व गतिविधि आधारित अधिगम
1.5 FLN के लिए शिक्षण रणनीतियाँ
- कहानी सुनाना
- चित्रों का प्रयोग
- खेल आधारित शिक्षण
- गीत, कविता और तुकबंदी
- कार्यपत्रक (Worksheets)
- समूह कार्य
- गतिविधि आधारित मूल्यांकन
2. Early Childhood Care and Education (ECCE)
(प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा)
2.1 ECCE का अर्थ
ECCE का अर्थ है:
0 से 8 वर्ष तक के बच्चों का समग्र विकास—शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक और संज्ञानात्मक।
2.2 ECCE का उद्देश्य
- बच्चे का सर्वांगीण विकास
- सीखने के लिए अनुकूल वातावरण
- स्कूल के लिए तैयारी
- पोषण और स्वास्थ्य का ध्यान
- सामाजिक व्यवहार का विकास
2.3 ECCE की आयु-सीमा
|
आयु |
चरण |
|
0–3 वर्ष |
देखभाल व पोषण |
|
3–6 वर्ष |
प्री-स्कूल
शिक्षा |
|
6–8 वर्ष |
प्रारंभिक
प्राथमिक |
2.4 ECCE के पाँच विकासात्मक क्षेत्र
- शारीरिक विकास
- संज्ञानात्मक विकास
- भाषायी विकास
- सामाजिक-भावनात्मक विकास
- रचनात्मक एवं सौंदर्य विकास
2.5 ECCE में शिक्षण-अधिगम की विशेषताएँ
- खेल आधारित शिक्षा
- अनुभव आधारित सीखना
- गतिविधि केंद्रित पद्धति
- लचीला पाठ्यक्रम
- दंड-मुक्त वातावरण
- बाल-केंद्रित शिक्षा
2.6 ECCE और NEP 2020
NEP 2020 के अनुसार:
- 5+3+3+4 संरचना लागू
- पहले 5 वर्ष = Foundational Stage
- आंगनवाड़ी + प्री-प्राइमरी + कक्षा 1–2
- ECCE के लिए एकीकृत पाठ्यक्रम
- शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण
2.7 ECCE में शिक्षक की भूमिका
- मार्गदर्शक (Facilitator)
- पर्यवेक्षक
- प्रेरक
- बच्चों की रुचि पहचानने वाला
- सुरक्षित वातावरण प्रदान करने वाला
3. FLN और ECCE में अंतर (संक्षिप्त तुलना)
|
आधार |
FLN |
ECCE |
|
फोकस |
पढ़ना-लिखना-गणित |
समग्र विकास |
|
आयु |
3–8 वर्ष |
0–8 वर्ष |
|
दृष्टिकोण |
कौशल आधारित |
विकासात्मक |
|
नीति |
NIPUN Bharat |
NEP 2020 |
1. FLN का मुख्य उद्देश्य
क्या है?
A. उच्च
शिक्षा की तैयारी
B. कक्षा 5 तक दक्षता
C. कक्षा 3 तक पढ़ना-लिखना-गणित में दक्षता
D. प्रतियोगी परीक्षा की
तैयारी
उत्तर:
C
2. NEP 2020 के अनुसार FLN
किस कक्षा तक प्राप्त किया जाना चाहिए?
A. कक्षा
1
B. कक्षा 2
C. कक्षा 3
D. कक्षा 5
उत्तर:
C
3. NIPUN Bharat Mission का
पूर्ण रूप क्या है?
A. National Initiative for Primary Understanding
B. National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and
Numeracy
C. National Inclusive Programme for Numeracy
D. National Integrated Programme for Universal Numeracy
उत्तर:
B
4. FLN में ‘Phonemic
Awareness’ का अर्थ है—
A. शब्द
लिखना
B. अक्षर पहचान
C. ध्वनियों की पहचान और
समझ
D. कहानी समझना
उत्तर:
C
5. FLN के अंतर्गत कौन-सा
गणितीय कौशल शामिल नहीं है?
A. संख्या
पहचान
B. जोड़-घटाव
C. बीजगणित
D. तुलना
उत्तर:
C
6. FLN का सर्वाधिक उपयुक्त
शिक्षण दृष्टिकोण है—
A. रटंत
पद्धति
B. व्याख्यान पद्धति
C. गतिविधि आधारित शिक्षण
D. परीक्षा आधारित शिक्षण
उत्तर:
C
7. प्रारंभिक कक्षाओं
में मातृभाषा में शिक्षा का लाभ है—
A. पाठ्यक्रम
छोटा होता है
B. समझ और सीखने में
सहजता
C. परीक्षा सरल होती है
D. शिक्षक को सुविधा
उत्तर:
B
8. पढ़ने की समझ (Reading
Comprehension) का अर्थ है—
A. शब्द
पहचान
B. जोर से पढ़ना
C. पाठ का अर्थ समझना
D. लेखन अभ्यास
उत्तर:
C
9. FLN में ‘Numeracy’
का संबंध किससे है?
A. भाषा
से
B. सामाजिक अध्ययन से
C. गणितीय सोच से
D. विज्ञान से
उत्तर:
C
10. NIPUN Bharat Mission का
लक्ष्य वर्ष है—
A. 2023
B. 2024
C. 2025
D. 2026–27
उत्तर:
D
11. FLN का सीधा संबंध किससे
है?
A. ड्रॉपआउट
दर में वृद्धि
B. सीखने की नींव
C. उच्च कक्षा का
पाठ्यक्रम
D. प्रतियोगी परीक्षा
उत्तर:
B
12. FLN के अंतर्गत लेखन कौशल
में शामिल है—
A. अनुकरण
B. वाक्य निर्माण
C. परीक्षा लेखन
D. उत्तर पुस्तिका लेखन
उत्तर:
B
13. कक्षा 1–3 में आकलन कैसा होना चाहिए?
A. परीक्षा
आधारित
B. दंडात्मक
C. सतत और व्यापक
D. केवल लिखित
उत्तर:
C
14. FLN में कौन-सा उपकरण
उपयुक्त है?
A. पाठ्यपुस्तक
ही
B. गतिविधि व खेल
C. केवल होमवर्क
D. केवल परीक्षा
उत्तर:
B
15. संख्या बोध का विकास
किससे होता है?
A. सूत्र
याद करने से
B. अभ्यास प्रश्नों से
C. ठोस वस्तुओं से सीखने
से
D. परीक्षा से
उत्तर:
C
16. FLN का मूल्यांकन किस
सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए?
A. तुलना
B. रैंकिंग
C. सीखने में सहायता
D. दंड
उत्तर:
C
17. प्रारंभिक गणित में
पैटर्न पहचान क्यों आवश्यक है?
A. परीक्षा
हेतु
B. स्मरण शक्ति बढ़ाने
हेतु
C. तार्किक सोच विकसित
करने हेतु
D. अंक बढ़ाने हेतु
उत्तर:
C
18. FLN के लिए शिक्षक की
भूमिका है—
A. सूचनादाता
B. मार्गदर्शक
C. परीक्षक
D. नियंत्रक
उत्तर:
B
19. जोड़-घटाव सिखाने का
सर्वोत्तम तरीका है—
A. सूत्र
B. मौखिक परीक्षा
C. ठोस सामग्री का प्रयोग
D. ब्लैकबोर्ड
उत्तर:
C
20. FLN के अंतर्गत सीखने का
वातावरण होना चाहिए—
A. प्रतिस्पर्धी
B. भयमुक्त
C. दंडात्मक
D. औपचारिक
उत्तर:
B
21. ECCE की आयु-सीमा क्या है?
A. 3–6 वर्ष
B. 6–14 वर्ष
C. 0–8 वर्ष
D. 5–10 वर्ष
उत्तर:
C
22. ECCE का मुख्य उद्देश्य है—
A. परीक्षा
की तैयारी
B. सर्वांगीण विकास
C. केवल साक्षरता
D. अंक प्राप्ति
उत्तर:
B
23. ECCE में सबसे उपयुक्त
शिक्षण विधि है—
A. व्याख्यान
B. खेल आधारित
C. रटंत
D. प्रश्नोत्तर
उत्तर:
B
24. NEP 2020 के अनुसार प्रारंभिक 5
वर्ष किस चरण में आते हैं?
A. Preparatory Stage
B. Middle Stage
C. Foundational Stage
D. Secondary Stage
उत्तर:
C
25. ECCE के पाँच विकासात्मक
क्षेत्र हैं—
A. 3
B. 4
C. 5
D. 6
उत्तर:
C
26. सामाजिक-भावनात्मक
विकास का उदाहरण है—
A. गिनती
सीखना
B. रंग पहचान
C. सहयोग की भावना
D. लिखना
उत्तर:
C
27. ECCE में शिक्षक की भूमिका
होती है—
A. अनुशासक
B. निर्देशक
C. सहायक और मार्गदर्शक
D. परीक्षक
उत्तर:
C
28. ECCE में दंड का स्थान—
A. आवश्यक
B. सीमित
C. नहीं होना चाहिए
D. कभी-कभी
उत्तर:
C
29. प्रारंभिक
बाल्यावस्था में सीखना सबसे अधिक होता है—
A. किताबों
से
B. अनुभव और खेल से
C. परीक्षा से
D. गृहकार्य से
उत्तर:
B
30. ECCE में पोषण का महत्व
इसलिए है क्योंकि—
A. उपस्थिति
बढ़ती है
B. शारीरिक और मानसिक
विकास होता है
C. परीक्षा आसान होती है
D. समय पास होता है
उत्तर:
B
31. 3–6 वर्ष की आयु में सबसे
महत्वपूर्ण विकास है—
A. शारीरिक
B. संज्ञानात्मक
C. भाषायी
D. सभी
उत्तर:
D
32. ECCE पाठ्यक्रम होना चाहिए—
A. कठोर
B. लचीला
C. परीक्षा केंद्रित
D. पुस्तक आधारित
उत्तर:
B
33. प्रारंभिक शिक्षा में
खेल क्यों आवश्यक हैं?
A. समय
काटने के लिए
B. मनोरंजन हेतु
C. सीखने को स्वाभाविक
बनाने हेतु
D. शिक्षक सुविधा हेतु
उत्तर:
C
34. ECCE का संबंध किससे नहीं
है?
A. स्वास्थ्य
B. पोषण
C. भावनात्मक विकास
D. प्रतियोगी परीक्षा
उत्तर:
D
35. NEP 2020 में ECCE को क्यों महत्व दिया गया?
A. शिक्षा
आसान बनाने हेतु
B. प्रारंभिक वर्षों में
मस्तिष्क विकास तेज होता है
C. पाठ्यक्रम घटाने हेतु
D. परीक्षा हटाने हेतु
उत्तर:
B
36. बाल-केंद्रित शिक्षा
का अर्थ है—
A. शिक्षक
केंद्र में हो
B. पाठ्यपुस्तक केंद्र
में हो
C. बच्चे की रुचि केंद्र
में हो
D. परीक्षा केंद्र में हो
उत्तर:
C
37. ECCE में मूल्यांकन होना
चाहिए—
A. औपचारिक
B. लिखित
C. अवलोकन आधारित
D. बोर्ड परीक्षा
उत्तर:
C
38. प्रारंभिक शिक्षा में
कहानी सुनाने से—
A. समय
नष्ट होता है
B. भाषा व कल्पनाशक्ति
बढ़ती है
C. केवल मनोरंजन होता है
D. कोई लाभ नहीं
उत्तर:
B
39. ECCE और FLN का संबंध है—
A. अलग-अलग
B. विरोधी
C. पूरक
D. असंबंधित
उत्तर:
C
40. ECCE में सीखने का
सर्वोत्तम वातावरण है—
A. अनुशासन
प्रधान
B. भययुक्त
C. सुरक्षित और आनंददायक
D. परीक्षा केंद्रित
उत्तर:
C